जीव जगत् में विविधता और वर्गिकी (Taxonomy) | कक्षा 11 जीव विज्ञान (Chapter 1 - Part 3)
'जीव जगत्' (The Living World) सीरीज के पिछले आर्टिकल (Part 2) में हमने उपापचय (Metabolism), कोशिकीय संगठन और चेतना जैसे सजीवों के परिभाषित लक्षणों (Defining Features) को गहराई से समझा था।
आज के इस Part 3 में हम एक बहुत ही दिलचस्प विषय पर बात करने वाले हैं — "जीव जगत् में विविधता" (Biodiversity) और इतने सारे जीवों को समझने के लिए वैज्ञानिक उन्हें कैसे नाम देते हैं और वर्गीकृत (Classify) करते हैं। यदि आप कक्षा 11वीं के बोर्ड एग्जाम या NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो यह टॉपिक बुनियादी समझ विकसित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
चलिए, इसे एकदम आसान भाषा में समझते हैं!
1. जैव विविधता (Biodiversity) क्या है?
हमारे आसपास तरह-तरह के पेड़-पौधे, कीड़े-मकोड़े, पशु-पक्षी और सूक्ष्मजीव (Microorganisms) पाए जाते हैं। पृथ्वी पर पाए जाने वाले इन्हीं समस्त जीवों की संख्या और उनकी किस्मों को हम जैव विविधता (Biodiversity) कहते हैं।• ज्ञात प्रजातियों की संख्या: वर्तमान में वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए और नाम दिए गए जीवों की संख्या लगभग 1.7 से 1.8 मिलियन (17 से 18 लाख) के बीच है।
• इसमें लगभग 12 लाख जंतु (Animals) और 5 लाख पौधे (Plants) शामिल हैं।
• रोज नए-नए जीव खोजे जा रहे हैं, खासकर घने जंगलों और गहरे समुद्रों में।
2. वर्गीकरण और नामकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी?
सोचिए, अगर आप बाजार जाएं और वहां फल, सब्जियां, कपड़े और दवाइयां सब एक ही बड़े ढेर में मिला दी जाएं, तो क्या होगा? आपको अपनी पसंद की चीज ढूंढने में बहुत परेशानी होगी।ठीक वैसा ही जीव विज्ञान में भी है! इतने सारे लाखों जीवों का एक-एक करके अध्ययन करना लगभग असंभव है। इसीलिए हमें दो चीज़ों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी:
• नामकरण (Nomenclature): पूरे संसार में किसी जीव को एक ही नाम से पहचाना जा सके।
• वर्गीकरण (Classification): जीवों को उनकी समानताओं और अंतरों के आधार पर अलग-अलग समूहों (Groups) में बांटना।
लोकल नाम की समस्या: जैसे आम को हिंदी में 'आम', अंग्रेजी में 'Mango', और अलग-अलग भाषाओं या राज्यों में अलग नामों से जाना जाता है। इससे confusion होता है। इसलिए एक वैज्ञानिक नाम (Scientific Name) होना बहुत जरूरी है।
3. द्विनाम पद्धति (Binomial Nomenclature)
जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की सबसे सटीक और वैज्ञानिक प्रणाली को द्विनाम पद्धति कहते हैं।• खोजकर्ता: इस पद्धति की शुरुआत कैरोलस लिनियस (Carolus Linnaeus) ने की थी। इन्हें जीव विज्ञान में वर्गिकी का पिता (Father of Taxonomy) भी कहा जाता है।
• नियम: इस प्रणाली के अनुसार प्रत्येक जीव के वैज्ञानिक नाम के दो भाग (Two Components) होते हैं:
• पहला शब्द: वंश (Genus) को दर्शाता है।
• दूसरा शब्द: जाति (Species) यानी जाति संकेत पद को दर्शाता है।
उदाहरण के लिए:
• आम का वैज्ञानिक नाम: Mangifera indica
• Mangifera = वंश (Genus)
• indica = जाति (Species)
• मनुष्य का वैज्ञानिक नाम: Homo sapiens
• Homo = वंश (Genus)
• sapiens = जाति (Species)
4. नामकरण के अंतरराष्ट्रीय नियम (Rules of Nomenclature)
वैज्ञानिक नाम लिखते समय कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, जो पूरे विश्व में मान्य हैं:• भाषा: वैज्ञानिक नाम आमतौर पर लैटिन भाषा (Latin Language) से लिए जाते हैं और इन्हें तिरछे (Italics) अक्षरों में छापा जाता है।
• हाथ से लिखते समय: जब हम हाथ से कॉपी में वैज्ञानिक नाम लिखते हैं, तो दोनों शब्दों को अलग-अलग रेखांकित (Underline) करना होता है (जैसे: <u>Mangifera</u> <u>indica</u>)।
• अक्षरों का ध्यान:
• वंश (Genus) का पहला अक्षर हमेशा बड़ा (Capital Letter) होता है।
• जाति (Species) का पहला अक्षर हमेशा छोटा (Small Letter) होता है।
• संस्थाएं:
• पौधों के नामकरण के लिए: ICBN (International Code for Botanical Nomenclature)
• जंतुओं के नामकरण के लिए: ICZN (International Code for Zoological Nomenclature)
5. वर्गिकी (Taxonomy) और वर्गिकी संवर्ग (Taxonomic Categories)
जीवों की पहचान करने, उनका नामकरण करने और उन्हें अलग-अलग वर्गों में बांटने के विज्ञान को वर्गिकी (Taxonomy) कहते हैं।जब हम जीवों का वर्गीकरण करते हैं, तो यह एक ही बार में नहीं होता। इसके लिए कई चरण (Steps) होते हैं। प्रत्येक चरण को एक वर्गक (Taxon) या संवर्ग (Category) कहा जाता है।
इसे हम पदानुक्रम (Hierarchy) के रूप में अगली पोस्ट में विस्तार से समझेंगे, जिसमें जाति, वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ और जगत शामिल हैं।
मुख्य बिंदु जो आपको याद रखने चाहिए (Quick Revision):
• पृथ्वी पर लगभग 1.7 से 1.8 मिलियन प्रजातियां खोजी जा चुकी हैं।• द्विनाम पद्धति के जनक कैरोलस लिनियस हैं।
• वैज्ञानिक नाम में पहला शब्द वंश और दूसरा शब्द जाति का होता है।
• हाथ से लिखते समय वैज्ञानिक नाम को हमेशा अंडरलाइन करें।
अगले आर्टिकल (Part 4) में हम क्या पढ़ेंगे?
अगले भाग में हम वर्गिकी पदानुक्रम (Taxonomic Hierarchy) — जैसे Species, Genus, Family, Order, Class, Phylum और Kingdom को बेहद आसान ट्रिक्स और उदाहरणों के साथ समझेंगे!
अगर आपका इस टॉपिक से जुड़ा कोई सवाल है, तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें। अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ इसे शेयर करना न भूलें!
धन्यवाद!

